टोक्यो ओलम्पिक 2020 की समाप्ति के बाद अब टोक्यो पैरालिंपिक 2020 का आयोजन किया जाएगा। यह प्रायः विकलांग एथलीटों के लिए एक प्रमुख अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिता है। यह प्रायः ग्रिस्म कालीन ओलम्पिक के तुरंत बाद ही शुरू होता है। इस वर्ष यह मंगलवार 24 अगस्त से प्रारम्भ होकर रविवार 5 सितंबर तक चलेगा। यह प्रतियोगिता जापान की राजधानी टोक्यो में आयोजित की जाएगी।

इस वर्ष कोरोना के चलते खिलाड़ियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ी के टोक्यो पहुंचने के बाद उनका कोरोना टेस्ट तीन बार निगेटिव आने के बाद ही उन्हें प्रतियोगिता का हिस्सा बनने का मौका दिया जाएगा इसके अतिरिक्त एक खिलाड़ी कम से कम पांच दिन ही वहां रह सकता है।

इस वर्ष टोक्यो पैरालिंपिक 2020 में नौ खेलों में भारत के 54 एथलीट भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह अभी तक की पैरालिंपिक में जाने वाली भारत की सबसे बड़ी टुकड़ी है। भारत कुल नौ खेलों बैट मिन्टन, निशानेबाजी, पैरा कनोइंग, तैराकी, एथेलेटिक्स, तीरंदाजी, टेबल टेनिस और ताइक्वांडो आदि खेलों के लिए प्रतिस्पर्धा करेगा।

भारतीय पैरा एथलीट 28 अगस्त से वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा शुरू करेंगे। रियो 2016 ग्रीष्मकालीन पैरालिंपिक में भारत का कुल चार पदकों (दो स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य) के साथ अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। Tokyo ओलम्पिक में भारत ने कुल सात पदक जीते हैं। अब टोक्यो पैरालंपिक में भी हमारे खिलाड़ियों का लक्ष्य यही होगा।

बता दें की भारतीय के केंद्रीय युवा सेवाएं एवं खेल और सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने 12 अगस्त गुरुवार को देर शाम टोक्यो पैरालंपिक खेलों के लिए 54 सदस्यीय भारतीय दल को वर्चुअल विदाई दी। अनुराग ठाकुर द्वारा एक वीडियो संदेश के माध्यम से एथलीटों को संबोधित किया गया तथा उन्हें शुभकामनाएं भेजी गईं। भारत की तरफ से टोक्यो पैरालपिक में रियो पैरालंपिक 2016 के गोल्ड मेडलिस्ट मरियप्पन थंगवेलु इस बार के ध्वजवाहक होंगे।

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