फैशन देश , काल , धर्म , जाति आदि के अनुसार चयनित किया जाता है| सामाजिक जीवन में फैशन समय , संस्कृति , रुचि और लोकप्रियता के अनुसार प्रचलन में होता है| फैशन को प्रभावित करने वाले मुख्य स्रोत फिल्म जगत , टीवी , मीडिया , अखबार , पत्र , पत्रिकाएं , मैगजीन आदि है| फैशन के अंतर्गत पोषक , भोजन , साहित्य , कला , वास्तुकला आदि बहुत सी चीजों का समावेश होता है| फैशन के रुझान बहुत तेजी से बदलते रहते हैं| फैशन अक्सर बहुत ही शीघ्रता से बदलता रहता है|

पारिवारिक जीवन में फैशन अपने स्तर अनुसार निर्धारित किया जाता है| फिल्म और मीडिया का समावेश घर घर में है जिस से प्रभावित होकर व्यक्ति अपने अनुसार फैशन का चयन करता है| सर से लेकर पैर तक और अन्य जरूरत की सभी छोटी सी बड़ी चीजें , फैशन द्वारा ही निर्धारित होती है| लेकिन फैशन की अंधा धुंध दौड़ में आंख मूंद के चलना हमारे लिए ही हानिकारक हो सकता है क्योंकि सोच समझकर ही हमारे ऊपर क्या जच रहा है और क्या नहीं , इसका निर्णय करना अनिवार्य है| फैशन का मतलब केवल कपड़े और एक्ससीरीज नहीं है बल्कि हमारी चाल-ढाल , विचारधारा और जीवन स्तर आदि का भी बहुमूल्य योगदान है| अच्छा व्यक्तित्व और फैशन का जब एक सुंदर तालमेल होता है तभी व्यक्ति में फैशन की पूर्ण सार्थकता दिखाई देती है|

समय-समय पर फैशन जगत में तरह-तरह के विशेषज्ञ हुए हैं| आजकल के दौर में हर क्षेत्र में नए-नए विशेषज्ञ उपलब्ध हैं| जिन के निर्देश में जीवन भर में जो भी आवश्यकता हो उसे हम पूरा कर सकते हैं| आजकल कॉस्टयूम डिजाइनर नीता लुल्ला , मनीष मल्होत्रा , सब्यसाची , रितु कुमार आदि बहुत ही लोकप्रिय हैं| नीता लुल्ला ने भारत के राष्ट्रपति से राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता है| उन्होंने फिल्मों में विभिन्न प्रकारों से 26 वर्ष तक अपना योगदान दिया है| प्रसिद्ध लोगों के ब्रांड देश और विदेश तक सभी को प्रभावित करने में समर्थ हैं|

दुनिया भर में मौसम के अनुसार ही फैशन का चयन होता है| हमारे देश में जाति , धर्म , प्रदेश आदि अनेक कारणों से विभिन्न प्रकार के फैशन प्रचलन में है| कुछ क्षेत्रों के लिए विशेष पोशाक और फैशन निर्धारित किए जाते हैं जैसे हमारी सुरक्षा बल , पर्वतारोहण , विद्यालय आदि| आजकल हमारी पारंपरिक साड़ियां भी तरह तरह से डिजाइन करके फैशन जगत में उतारी गई हैं |हमारे यहां पूर्ण स्वतंत्रता है व्यक्ति अपनी रुचि अनुसार फैशन का चयन करता है| हमारे देश में देशी-विदेशी सभी प्रकार के फैशन का प्रचलन है| अब यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम फैशन का कितना और किस तरह अनुकरण करें जिससे हमारा पारिवारिक और सामाजिक जीवन एक आदर्श प्रस्तुत करते हुए दूसरों के लिए उदाहरण बने|

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