आज स्वतंत्रता दिवस है जो सबसे खास दिन हैं। तो चलिए इस खास दिन पर हम आपको आपको राष्ट्रगान जन-गण-मन से जुड़े महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्यों के बारे में बताते जा रहे हैं।

1 ‘जन-गण-मन’ भारत का राष्ट्रगान है, इसे रवीन्द्रनाथ टैगोर ने बंगाली भाषा में लिखा था। वहीं नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने कैप्टन आबिद अली से इस गीत का हिन्दी और उर्दू में अनुवाद करवाया था।

2 राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के बोल तथा संगीत दोनों को रवीन्द्रनाथ टैगोर ने ही तैयार किए हैं। दें कि आज भी रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा बनाई गई धुन को ही प्रयोग में लाया जाता है।​

3 भारत की संविधान सभा ने जन-गण-मन को 24 जनवरी 1950 को राष्ट्रगान के रूप में रूप में इसे स्वीकार किया था।

4 रवीन्द्रनाथ टैगोर ने 1911 में एक कविता की रचना की थी, जो पांच पदों में थी। कविता के पहले पद को राष्ट्रगान के स्वरूप में अपनाया गया है। राष्ट्रगान को गाने में पूरे 52 सेकेंण्ड का समय लगता है।

5 कानूनी तौर पर कोई भी किसी भी व्यक्ति को राष्ट्रगान गाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है। राष्ट्रगान गाने अथवा बजने के दौरान अगर कोई व्यक्ति शांतिपूर्वक खड़ा रहता है, तो यह नहीं माना जाएगा कि वह व्यक्ति राष्ट्रीय गान का अपमान कर रहा है।

6 वैसे तो ​राष्ट्रगान सुनते ही सब खड़े हो जाते है लेकिन यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रगान के समय खड़ा नहीं होता है, तो किसी को भी ये अधिकार नहीं है कि उसके साथ जोर जबरजस्ती करे ।

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